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Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full Upd May 2026

यहाँ पालिताना की पांच चैत्यवंदन पर एक विस्तृत और जानकारीपूर्ण ब्लॉग पोस्ट हिंदी में दी गई है। आप इसे अपने ब्लॉग या सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकते हैं।

  1. सुबह स्नानादि करके श्वेत वस्त्र पहनें।
  2. मुख्य मंदिर (टॉप मंदिर) में जाकर सबसे पहले 108 बार 'ॐ ह्रीं णमः सिद्धेभ्यः' का जाप करें।
  3. फिर ऊपर दिए गए पूरे प्रथम चैत्यवंदन का पाठ करें।
  4. उसके बाद दूसरे मंदिर (जैसे - कुमारपाल मंदिर) में जाएँ, ध्यान रखें प्रतिमा भिन्न है, तो पाठ में 'तस्स चैयस्स' के बाद भगवान का नाम बोलें।
  5. इसी प्रकार तीसरा, चौथा और पाँचवाँ मंदिर। यदि समय कम हो तो केवल मुख्य मंत्र (तस्स चैयस्स...वाला) 5 बार पढ़ें।
  6. अंत में क्षमापना अवश्य करें - णमोस्कार मंत्र के साथ "मिच्छामि दुक्कडम्" कहकर माथा टेकें।

हिंदी अर्थ: "हे प्रभु! उत्तम संयम से युक्त, समस्त कषायों का त्याग करने वाले, अव्याबाध (बिना रुकावट वाले) उत्तम उद्योग (आराधना) करने वाले, आचार्यों के श्रेष्ठ चरणों के समान पूजनीय, मैं उस जिनप्रतिमा (चैत्य) को वंदन करता हूँ, दर्शन करता हूँ, जो अचल (स्थिर) है। उस चैत्य के, चैत्यलोक (मंदिर) के, और चैत्यलोकों के भीतर-बाहर जितने भी देव, गुरु और विद्याएँ विराजमान हैं, उन सबको नमस्कार है।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

यह चैत्यवंदन शत्रुंजय पर्वत की तलहटी (शुरुआत) में किया जाता है। हिंदी अर्थ: "हे प्रभु